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२८/०७/२०२६

Article about ideal teacher, head mistress Aney madam

जानेवालो की याद आती है..


आज गुड पॅरेंटिंग और स्कूल मे न डाटना, न मारना, विद्यार्थीयोको सजा न देना इस कारण Gen Z पिढी बिगड गयी है | आज की पिढीमे अणे मॅडम जैसे आदर्श शिक्षक ज्यादा से ज्यादा संख्यामे हो ऐसी उम्मीद है |
ऐसे आदर्श शिक्षक जो बालकोमे, युवाओमे
नया जोश, नयी उमंग और देशभक्ती भर  दे |

कल शाम साडेचार पाच बजे के करीब व्हाट्स ॲटप के एक गृपमे एक दुखद संदेश दिखाई दिया | वो संदेश था राष्ट्रपती पुरस्कार प्राप्त आदर्श शिक्षिका हम सब की चहेती प्रधानाचार्या वनमाला अणे इनके निधन का | संदेश पढा और मै शोकाकुल तथा स्तब्ध हो गया | संदेश की खातरजमा करने के लिए मैने वनमाला अणेजी के सहकारी रहचुके स्व. प्रल्हाद कोरडे के सुपुत्र मेरे बालमित्र राधेश्याम कोरडे को फोन कर पुछा तब राधेश्याम कोरडे ने इस वृत्त की पुष्टी की | फिर कई सारे सोशल मीडिया गृपपर उनके निधन की वार्ता आने लगी और मेरे साथ अणे मॅडम के कार्यकालमे ए.के. नॅशनल हायस्कूल के विद्यार्थी रह चुके मेरे कई दोस्त भी गमके सागर मे डूब गये| एक दुसरे को फोन करके मॅडम के निधन का शोक जताने लगे |आखिर अणे मॅडम मे ऐसा क्या था की विद्यार्थी  इतने शोकाकुल हो गये थे ? मै ये सोचने लगा और मुझे मेरे पाठशाला मे बिताये हुए दिन याद आने लगे | नॅशनल हायस्कूल की प्रधानाचार्या एक अनुशासनप्रिय और एक सच्ची शिक्षका है यह देखकर मेरे पिताजी ने मुझे उस स्कुलमे दाखिल कर दिया था | मै उस दौरमें चला गया | प्रधानाचार्य को पूरी स्कूल का कार्य देखना होता है इस वजह से शिक्षकों की तुलनामें उसका विद्यार्थियों से संबंध कम आता है|ऐसा होने के बावजूद भी अणे मैडम विद्यार्थियोंमे इतनी प्रिय कैसे हो गई ? इसका उत्तर मैं सोचने लगा |  फिर मेरे मन ने जबाब दिया,  कोई भी व्यक्ति उसका कर्म सच्ची भावना और निष्ठासे  करता है, अपने कार्य को व्रत मानकर आगे बढ़ता है तो फिर सन्मान और लोकप्रियता उसके कदम छुती है | लोगों का प्यार उसे मिलता है और लोकप्रियता अपने आप उसके पीछे चली आती है | अणे मैडम का वैसा ही हुआ | कर्तव्यपथपर वह आगे बढ़ती गई और एक दिन ऐसा आया कि उन्हे उस समयके राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा इनके करकमलो द्वारा आदर्श शिक्षक पुरस्कार भी प्राप्त हुवा| 

     आजसे दस साल पहले मैने उन्हे एक पत्र लिखा था जिसका जवाब उन्होंने मुझे दिया था| उन्होने उनके जवाब में मेरी सरहाना कर मुझे आशीर्वचन दिये थे | मैने उन्हे जो पत्र लिखा था उसमें उनकी कई यादे लिखी थी| यहाँ वो लिखी तो उनकी पुनरावृत्ती हो जायेगी और वो मैं नही करुंगा |

(अणे मॅडम को लिखा हुआ पत्र पढणे के लिए यहा क्लिक करे)

लेकिन उस पत्रमें जो यादे नही लिखी थी वो जरूर लिखुंगा|मुझे याद है मॅडम जब ऑफिस मे बैठी हुयी रहती थी तब किसी भी विद्यार्थी की मजाल नही थी की वो ऑफिस के सामने से जाये,  इतना आदरयुक्त डर विद्यार्थीयो के मनमे रहता था | वैसेही जब मॅडम स्कूल सुरू होने के बाद पुरे स्कूल का एक चक्कर लगाती थी तो सभी कक्षाओमें पिन ड्रॉप सायलेन्स रहता था, और बरामदे मे ऐसा वातावरण रहता था जैसे मानो कर्फ्यू ही लगा हुवा हो | मुझे खुशी है की कक्षा पाचवी मे ही मेरा और मॅडम का परिचय हुआ था मै मेरी कक्षा का वर्गनायक था और मॅडम ने मुझे वर्गनायक का बॅज लगाकर मेरा सन्मान किया था | मॅडमसे जुडी हुई ऐसी कई यादे कई विद्यार्थीयोको भी होगी|

शिक्षा क्षेत्रमे आने के कारण मुझे कई बार शिक्षा अधिकारी बुलढाणा कार्यालय मे जाने का मौका मिलता है और वहाँ जाने के बाद मै जब वहाँ लगी हुयी आदर्श शिक्षक सन्मान प्राप्त शिक्षको की सूची पढता हुं और उसमें  हमारी अणे मॅडम का नाम देखता हुं, तो मुझे बडा ही गर्व प्रतीत होता है, और मेरे दिल में मॅडम के प्रति जो आदर है वो और भी बढ जाता है |

हम खुशनसीब है की हमे अणे मॅडम जैसी प्रधानाचार्या और कई ऐसे आदर्श शिक्षक गण मिले जिनसे हमे बहुत कुछ सिखने को मिला | आज हमारे पुत्र-पुत्री Gen Z पिढी के युवा है जिनके अपने विचार है | जो मोबाईल युग मे पैदा होने के कारण उन्हे सही दिशा मिल नही रही है वो आभासकोही सत्यता मान रहे है | आज गुड पॅरेंटिंग और स्कूल मे न डाटना, न मारना, उन्हे सजा न देना इस कारण Gen Z पिढी बिगड गयी है | आज की पिढीमे अणे मॅडम जैसे आदर्श शिक्षक ज्यादा से ज्यादा संख्यामे हो, ऐसे आदर्श शिक्षक जो बालकोमे, युवाओमे नया जोश, नयी उमंग और देशभक्ती भर  दे |

 ऐसी उम्मीद रखते हुए यहाँ समापन करता हुं| 

जानेवाले कभी नही आते,

जानेवालो की याद आती है |

अणे मॅडम की भी याद उनकी कार्यप्रणाली, कर्तव्यपरायणतासे हमेशा आती रहेंगी | अणे मॅडम को भावपूर्ण श्रद्धांजली |

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